1. योग-विश्वकोश
  2. भूमिका
  3. विश्व योग दिवस
  4. मा. प्रधानमंत्री जी का संदेश
प्रस्तुत संग्रह बृहत्काय 'योग-विश्वकोश' का प्रारूप मात्र है। 'योग-विश्वकोश' में योग की विविध परम्पराओं तथा इनके सिद्धांत व साधना आदि से जुड़े हुए हजारों शब्दों के विविध अर्थों, परिभाषाओं व विधियों आदि का ऋषियों के हजारों ग्रन्थों के आधार पर सन्दर्भ पूर्वक पूरी प्रामाणिकता के साथ समावेश किया जायेगा । इस योग से सम्बन्ध १०,००० से अधिक शब्दों का बृहत्काय कोश के अन्दर लगभग २५०० आसनों, शताधिक प्राणायामों व शोधन-क्रियाओं, ढाई सौ से अधिक मुद्राओं, यौगिक उपकरणों, योग शास्त्रीय द्रव्यों आदि का नाम व विधिपूर्वक सचित्र वर्णन किया जायेगा । अभी इसमें संशोधन, परिवर्धन, परिमार्जन आदि सभी कार्य शेष हैं। अतः आपके सुझाव हमारे लिए पथ-प्रदर्शक का कार्य करेंगे।
प्रथम अंतरराष्ट्रीय योग-दिवस के अवसर पर यह भागीरथ प्रयास का प्रारूप आप सबके समक्ष प्रस्तुत करते हुए हमें हर्षानुभूति हो रही है।

- आचार्य बालकृष्ण